हिमाचल की प्राकृतिक झीलें – Natural Lakes of Himachal Pradesh

Natural Lakes in Himachal
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हिमाचल की प्राकृतिक झीलें – Natural Lakes of Himachal Pradesh

हिमाचल की प्राकृतिक झीलें / Natural lakes in Himachal Pradesh : (The articile is important for the people preparing for various state tests as HAS, IAS etc )

प्राचीन काल से ही हिमाचल को प्रकृति से अपार भंडार मिले हैं, चाहे वो सुंदर वातावरण हो या शुद्ध जलवायु ।हिमाचल हमेशा से ही पूरे भारतवर्ष में इसके ठंडे मौसम के लिए जाना जाता है इसी कारण अंग्रेजों ने अपनी शीतकालीन राजधानी शिमला को बनाया था।हिमाचल को प्रकृति से कई झीले भी मिली हैं।प्राकृतिक झीले मुख्यता आस्था का केंद्र है तथा यह वातावरण को भी शुद्ध करती हैं।आज हम सब हिमाचल के अलग-अलग जिलों की मुख्य झीलों के बारे में जानेंगे।

??? प्राकृतिक झीलें???

चम्बा :

यह क्षेत्रफल के हिसाब से हिमाचल प्रदेश का दूसरा सबसे बड़ा जिला है।इस जिले में हिमाचल की सबसे अधिक प्राकृतिक झीलें हैं। इनमे से मुख्य झीलें इस प्रकार है:
क) खजियार को हिमाचल का स्विट्जरलैंड भी कहा जाता है।इसे यह नाम पी. ब्लेजर ने 7 जुलाई 1992 को दिया। यह विश्व का 160 वां स्थान है जिसे स्विट्ज़रलैंड का दर्जा दिया गया है। यह स्विट्जरलैंड की राजधानी बर्न से 6194 किमी. दूर है। इस झील की लम्बाई 0.5 किमी . है व इसकी ऊँचाई 1920 मी . है।

Natural Lakes In Himachal
Source : www.tourmyindia.com

ख)लामा झील : यह झील चम्बा के भरमौर उपमण्डल में स्थित है।यह सात झीलों का समूह है। इसकी समुद्र तल से ऊंचाई 3960 मी. है।यह झील भगवान शिव को समर्पित है।
ग) मणिमहेश झील: यह झील बहुत ही पवित्र झील है।ऐसी मान्यता है कि मणिमहेश यात्रा इस झील में स्नान के बिना अधूरी है।यह झील कैलाश पर्वत के नीचे स्थित है।सर्दियों में ये झील पूरी तरह जम जाती है,जुलाई अगस्त के माह में ही यात्रा खुलती है व इस झील में स्नान किया जा सकता है।इस झील की समुद्र तल से ऊँचाई 4080 मी. है।
घ)गड़ासरू झील :यह झील चुराह तहसील में स्थित है।यह तिस्सा से 24 किमी. की दूरी पर है।यह बहुत ही पवित्र झील है व देवी कोठी के पास स्थित है।इसकी परिधि(circumference) 1 किमी. है तथा इसकी समुद्र तल से ऊँचाई 3470 मी. है।
ड़) महाकाली झील : यह झील चुराह तहसील के चांजू पंचायत में स्थित है।यह झील माता महाकाली को समर्पित है।इसकी समुद्र तल से ऊँचाई 4080 मी. है।

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कांगड़ा:

यहाँ की मुख्य झीले डल झील धर्मशाला व करेरी झील है।
धर्मशाला:यह हिमाचल की शीतकालीन राजधानी बनाई गई है।यहाँ अंतराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम भी है जो कि 2003 में बनकर तैयार हुआ था व यहां पहला अंतराष्ट्रीय अंतराष्ट्रीय मैच 2013 में इंडिया और इंग्लैंड के बीच हुआ था। डल झील धर्मशाला की प्रसिद्ध झील है।
क)डल झील : यह झील धर्मशाला से 11 किमी. व मैक्लोडगंज से 4 किमी. की दूरी पर स्थित है।इस झील के किनारे भगवान शिव का मंदिर है।यहाँ का दृश्य बडा मनमोहक है।देवदार के वृक्ष झील के चारो और झील की सुंदरता बढ़ाते है।पर्यटक यहां दूर दूर से आते हैं।
ख) करेरी झील : यह झील धर्मशाला से 9 किमी. की दूरी पर है।इसकी समुद्र तल से ऊँचाई 2934 मी. है।इस झील को मुखयता पहाड़ो की बर्फ के पिघलने से हीे पानी प्राप्त होता है। यह trekking destination के लिए काफी प्रसिद्ध है।यह झील दिसंबर से मार्च तक बर्फ से जमी रहती है।यहाँ का वातावरण काफी शांत व मनमोहक है।

?मंडी :

प्रदेश भर में छोटी काशी के नाम से प्रसिद्ध मंडी में भी काफी प्राकृतिक झीले हैं।
क)रिवालसर झील : इस झील को बौद्ध लोग पदमाचन भी कहते हैं।बोद्ध भिक्षु पद्मसंभव के जन्म दिन पर यहाँ मेला लगता है। यह झील हिंदू, बोद्ध व सिख तीनो धर्मो के लोगो का तीर्थ स्थान है।

ख) पराशर झील :यह झील बहुत ही सुंदर दिखती है।यह पहाड़ियों में ऊँचाई पर स्थित है।यह मंडी से 40 किमी. की दूरी पर स्थित है।यह भगवान परशुराम को समर्पित है।इस झील के किनारे एक बहुत सुंदर मन्दिर है जो भगवान परशुराम को समर्पित है। ऐसी मान्यता है कि यहाँ परशुराम जी ने तपस्या की थी।इसे तैरते हुए टापुओ की झील भी कहते है।

Natural lakes in Himachal pradesh
Source : http://www.nativeplanet.com/

ग) कमरुनाग झील : यह झील मंडी की बहुत प्रसिद्ध झील है।यहाँ हर वर्ष 14 जून को मेला लगता है। ऐसी मान्यता है कि यहां के देवता वर्षा के देवता है व आस पास के लोग हर वर्ष यहाँ वर्षा की रहमत मांगते हैं।आस पास का नजारा मंत्र मुक्त कर देने वाला है।धौलादार के ऊंचे ऊंचे पहाड़ व वृक्ष इसकी शोभा और भी बढ़ा देते हैं।
घ) कुमारवाह झील: यह झील चचिहोट तहसील में स्थित है।यह मंडी से लगभग 40 किमी. की दूरी पर स्थित है।यह समुद्र तल 3150 मी. की ऊँचाई पर स्थित है।
ड). कुन्त भ्योग : यह झील रिवालसर में स्थित है।आस पास का वातावरण बडा शांत व मनोरम है।इस झील के पास एक छोटा सा zoo भी है। यह झील भी बहुत ही शांत व मनमोहक जगह पर स्थित है।
च)कलासर झील: यह झील रिवालसर शहर में स्थित है।इसकी ऊँचाई समुद्र तल से 1755 मी. है। यहाँ आस पास बड़ी हरियाली है तथा वृक्ष व पेड पौधे इसकी शोभा और भी बड़ा देते है।

?कुल्लू:

कुल्लू जिला क्षेत्रफल के हिसाब से हिमाचल का पांचवा जिला है।यहाँ की प्रमुख झीले इस प्रकार है:
क) मनतलाई झील : यह झील पार्वती घाटी में स्थित है।पार्वती नदी का उदगम स्थल इसी झील से होता है ।पार्वती नदी व्यास नदी की सहायक नदी है।इस झील के आस पास मुख्यता चीड़ व देवदार के वृक्ष है।
ख) भृगु झील : यह झील ऋषि भृगु को समर्पित है ऐसी मान्यता है उन्होंने यहाँ पे तपस्या की थी।यह 4300 मी. की ऊंचाई पर स्थित है।यह गुलाब गांव से 6 किमी. की दूरी पर स्थित है।इस झील को वशिष्ट (पानी के गरम चश्मे )के रास्तेे भी जाया जा सकता है।
दशहर झील :यह झील रोहतांग दर्रे के समीप स्थित है।इस झील से हनुमान का टिब्बा(चोटी) दिखाई देता है।यहां का दृश्य बड़ा ही सुंदर तथा मन को प्रसन्न करने वाला है।
घ) सरवालसर झील: यह झील बंजार उपमण्डल में स्थित है। इस झील के किनारे एक मंन्दिर है जो बुद्धि नागिन को समर्पित है।ऐसे मान्यता है कि बुद्धि नागिन 60 नाग देवतायों की माता है।यहाँ का दृश्य बड़ा ही रमणीय है व यहां आ कर जन्नत का एहसास होता है।

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?? लाहौल स्पीति:

लाहौल स्पीति हिमाचल प्रदेश का सबसे बड़ा व अति दुर्गम जिला है।यह हिमाचल का बहुत ही सुंदर जिला है,यहाँ हमे प्रकृति का एक अलग ही रूप देखने को मिलता है।यहाँ की ज्यादातर झीले काफी ऊँचाई पर है।यहाँ की मुख्य झीले इस प्रकार है:
क) सुरजताल : यह झील लगभग 4800 मी. की ऊँचाई पर स्थित है।यह भाग नदी के उदगम स्थल बारालाचा दर्रे के समीप है।

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Source : www.adventurenation.com

ख) चंद्रताल झील : यह झील लगभग 4300 मी. की ऊँचाई पर स्थित है। इसे लोहित्य सरोवर के नाम से भी जाना जाता है।
ग) ढंखर झील : यह झील स्पिति घाटि में स्थित है।यह झील ढंखर गांव के समीप है।इसकी समुद्र तल से ऊँचाई लगभग 4270 मी. है।

?? शिमला:

हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला कौन नही जानता। यह 1966 से हिमाचल की राजधानी है।यहाँ की मुख्य झीले इस प्रकार है:
क) चंद्रनाहण झील : यह झील शिमला के रोहड़ू में स्थित है।इस झील की ऊँचाई लगभग 4000 मी. है।यह झील पब्बर नदी का उदगम स्थान है।
ख) तानु जुब्बल झील : यह झील नारकंडा के समीप स्थित है।यहाँ का मौसम बड़ा सुहावना है, आस पास वृक्ष ही वृक्ष तथा ऊँची ऊँची चोटियां दिखाई देती है।
ग) कराली झील : यह झील शैली चोटी के समीप है ।इस झील का आकार अन्नाडेल मैदान जितना है।यहाँ आस पास बड़ा ही शांत वातावरण है तथा यहाँ का दृश्य बड़ा ही मनमोहक है।

??? किन्नौर:

लाहौल और चम्बा के बाद क्षेत्रफल के हिसाब से किन्नौर तीसरा बड़ा जिला है। यह 1960 को जिला बना था। इस जिले की मुख्य झीले इस प्रकार है:
क) नाको झील :यह झील काफी ऊंचाई पे स्थित है।यह पूह उपमण्डल किन्नौर में स्थित है। इसकी ऊंचाई लगभग 3662 मी. है। यह झील बहुत ही पवित्र है । इस झील के पास तीन चार बौद्ध धर्म के मंदिर है।ऐसी मान्यता है कि यहां के पास पदंसम्भव जी नर तपस्या की थी। उनके पद चिन्ह आज भी आस पास की गुफायों में पाए जाते हैं।यह झील नाको गांव के पास स्थित है।
ख)सोरांग झील :यह झील किन्नौर की बहुत सुंदर झील है।यह झील रमणी व जमनी गांव के पास स्थित है।यह झील निच्चर तहसील में आती है।इस झील के आस पास का दृश्य देखने योग्य है।

सिरमौर

सिरमौर जिला 1948 को बने चार जिलों में से एक था। यहाँ की मुख्य झीले इस प्रकार है।
क) सुकेती झील : यह झील सिरमौर में स्थित है ।इस झील के आस पास का दृश्य बड़ा ही मनमोहक है। चारो और हरियाली ही हरियाली व वृक्ष ही वृक्ष है।

Natural lakes in Himachal
Source : www.tripadvisor.in

ख) रेणुका झील :यह झील हिमाचल की सबसे बड़ी प्राकृतिक झील है जो 32.5 किमी. लम्बी है।इसकी आकृति सोई हुई स्त्री जैसी है रेणुका भगवान परशुराम (विष्णु के छ्ठे अवतार) की माता है। रेणुका को अपने पुत्र परशुराम के हाथों बलिदान होना पड़ा, जिसने अपने पिता जगदग्नि की आज्ञा का पालन करते हुए ऐसा किया था।ऐसी मान्यता है कि परशुराम हर वर्ष अपनी माता से मिलने यहां आते है।

यह हिमाचल की मुख्य प्राकृतिक झीले हैं यदि आपको लगता है कि कोई और झील भी इस सूची में शामिल की जानी चाहिए थी तो आप comment section में अपने विचार व्यक्त कर सकते हैं।।

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PRATEEK has worked with NATIONAL AGRI-FOOD BIOTECHNOLOGY INSTITUTE for 3 years.He is a Bio-Tech professional with B.Tech(Biotechnology) From BCET Govt College and M.tech (Biotechnology) from kurukshetra university.He loves to write, read books ,listen Music and go for trekking expedition.He is a dedicated author at WE ARE HIMACHALI .
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